पटना , जनवरी 13 -- बिहार में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव पर सरकार गंभीर है और पीएमजीएसवाई के अंतर्गत बनी कोई भी सड़क खराब पाई जाती है तो इसके लिये संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी।
ग्रामीण कार्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सड़कों की निगरानी को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिये अब आम लोगों को भी इस प्रक्रिया में भागीदार बनाया गया है। क्यूआर कोड आधारित फीडबैक और शिकायत व्यवस्था लागू की है, जिसके माध्यम से ग्रामीण सीधे सड़क की स्थिति की जानकारी विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
आम नागरिक सड़क किनारे लगे सूचना पट्ट पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर संबंधित सड़क का पूरा विवरण देख सकते हैं। इसके साथ ही सड़क पर गड्ढों, टूट- फूट या अन्य खामियों की तस्वीरें लेकर फीडबैक विंडो के जरिये अपलोड कर सकते हैं। यह शिकायत सीधे ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्यालय तक पहुंचती है, जिसमें किसी भी मध्यस्थ की भूमिका नहीं होती।
ग्रामीणों की ओर से भेजी गई तस्वीरों और शिकायतों का विश्लेषण अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिये किया जा रहा है। इससे सड़क की वास्तविक स्थिति का त्वरित और सटीक आकलन संभव हो पा रहा है और समय पर मरम्मत की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पीएमजीएसवाई सड़कों पर क्यूआर कोड के माध्यम से निरीक्षण की यह व्यवस्था सबसे पहले बिहार के पांच जिलों सीवान, सुपौल, जमुई, गयाजी और मुंगेर में शुरू की गई थी। वर्तमान में यह व्यवस्था राज्य के 23 जिलों में लागू हो चुकी है, जबकि शेष 15 जिलों में भी इसे शीघ्र लागू किया जायेगा।
फिलहाल सबसे अधिक क्यूआर कोड गयाजी जिले में लगाये गये हैं, जहां पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित 74 सड़कों पर क्यूआर कोड चस्पा दिये गये हैं। इसके बाद कटिहार में 60, मधेपुरा में 59, औरंगाबाद में 54, समस्तीपुर में 39, रोहतास में 25, वैशाली में 22, पटना और दरभंगा में 19- 19, सीवान में 17, बांका और बेगूसराय में 16- 16, बक्सर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में 14- 14, जमुई में 11, पूर्णिया में 10, भोजपुर में आठ, पूर्वी चंपारण और सुपौल में 7-7, सारण में छह और मुंगेर और शिवहर में 4- 4 ग्रामीण सड़कों पर क्यूआर कोड लगाये जा चुके हैं।
ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से सभी कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश जारी किये गये हैं कि वे ई- मार्ग पोर्टल से जनरेट क्यूआर कोड को सड़क किनारे लगे रखरखाव सूचना पट्ट पर अनिवार्य रूप से लगायें।
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