चेन्नई , जनवरी 12 -- पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) के संस्थापक डॉ एस रामादोस और उनके बेटे अंबुमणि के बीच मतभेद के कारण पार्टी में दो फाड़ होने के बाद श्री रामादोस ने कमान कसते हुए बेटे का समर्थन करने वाले तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है।

श्री रामादोस ने 'पार्टी-विरोधी गतिविधियों' में शामिल होने के लिये तीनों विधायकों को निष्कासित करने से पहले चुनाव आयोग को एक पत्र भी लिखा था। इसमें उन्होंने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (अन्नाद्रमुक) से बातचीत करने और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिये अंबुमणि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

डॉ. रामदास ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि पार्टी के गठबंधन और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए केवल वही अधिकृत हैं। उन्होंने पीएमके के नाम का इस्तेमाल कर अंबुमणि के गठबंधन करने के कदम को 'अवैध' करार दिया। इस खींचतान के बीच, अंबुमणि का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने पर डॉ. रामदास ने तीन विधायकों को स्थायी रूप से निष्कासित कर पार्टी के संकट को और गहरा कर दिया है।

पार्टी ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पीएमके आलाकमान की बैठक के बाद एम. आर. विजयभास्कर, पी. प्रभाकरण और एस. एम. कथिरावन को अनुशासन भंग करने और वफादारी न निभाने के आरोप में बाहर का रास्ता दिखाया गया है। यह कार्रवाई पार्टी की अनुशासन समिति की सिफारिशों के आधार पर की गयी है।

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