पिथौरागढ़ , दिसंबर 22 -- उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचने पर कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष में नैनी सैनी एयरपोर्ट का विकास राज्य सरकार की एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी उपलब्धि है।
श्री सतपाल ने बताया कि नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर राज्य सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के मध्य नैनी सैनी एयरपोर्ट के अधिग्रहण एवं विकास हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ, जो इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि नैनीसैनी एयरपोर्ट का चरणबद्ध तरीके से विस्तार एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे भविष्य में बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा। वर्तमान में यह एयरपोर्ट लगभग 70 एकड़ भूमि पर विकसित है, जबकि 72 सीटर विमानों के नियमित संचालन के लिए लगभग 50 से 53 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी।
उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है तथा शीघ्र ही इसे पूर्ण कर लिया जाएगा ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में पिथौरागढ़ से दिल्ली के लिए 42 सीटर विमान (एलायंस एयर) की हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नैनी सैनी एयरपोर्ट के विस्तार के पश्चात् पिथौरागढ़ जिला देश के प्रमुख महानगरों से जुड़ सकेगा। इससे सीमावर्ती पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। आदि कैलाश, ओम पर्वत, मुनस्यारी, धारचूला, चंडाक, अस्कोट सहित अन्य प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पिथौरागढ़ पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरेगा।
केबिनेट मंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट के विकास से पर्यटन के साथ ही व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
एयरपोर्ट के निरीक्षण के उपरांत पर्यटन मंत्री ने विकास भवन सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम में प्रतिभाग किया तथा लोगों की समस्याएं सुनी।
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