पेरिस , दिसंबर 11 -- रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में दुनिया भर में अपने काम के दौरान 67 पत्रकार मारे गये हैं।

आरएसएफ ने अपने रिपोर्ट में कहा कि पत्रकार सिर्फ मरते नहीं है, मारे जाते हैं। पत्रकारों की हत्या की संख्या फिर से बढ़ गयी है और इसका कारण नियमित और अर्धसैनिकों की आपराधिक गतिविधियां हैं। इस वर्ष 67 में से 53 पत्रकार युद्ध या आपराधिक समूह द्वारा मारे गये हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 महीनों में (एक दिसंबर तक) मारे गए पत्रकारों में से लगभग आधे (43 प्रतिशत) को गाज़ा में इज़रायली सशस्त्र बलों द्वारा मारा गया। इसके बाद सबसे अधिक पत्रकार (नौ) मैक्सिको में आपराधिक समूहों द्वारा मारे गये। रिपोर्ट में चिंता जतायी गयी है कि यह पिछले तीन सालों में सबसे अधिक है।

तीसरे स्थान पर सूडान है, जहाँ पत्रकारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस साल सूडान में चार पत्रकार मारे गये, जिनमें से दो को रैपिड सपोर्ट फोर्स द्वारा अपहरण के बाद मार दिया गया।

रिपोर्ट में इस बात पर आश्चर्य जताया गया है कि पत्रकारों को अपने ही देश में अधिक खतरा है। मारे गये पत्रकारों में से केवल दो ही विदेशी धरती पर मारे गये हैं।

फ्रांसीसी फ़ोटो पत्रकार एंतोनी ललिकान यूक्रेन में रूसी ड्रोन हमले में मारे गए थे और साल्वाडोर के पत्रकार हावियर हेर्कुलेस की होंडुरास में हत्या कर दी गयी थी।

इसके अतिरिक्त रिपोर्ट के अनुसार, एक दिसंबर 2025 तक 47 देशों में कुल 503 पत्रकार हिरासत में थे। दुनिया में अब भी सबसे ज्यादा पत्रकार (121) चीन के जेलों में बंद हैं। इसके बाद रूस (48) और फिर म्यांमार (47) का स्थान है।

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