बरेली , नवंबर 18 -- उत्तर प्रदेश के बरेली में छात्र वीजा पर भारत में रह रहे नाइजीरिया के युसूफ बाला मुस्तफा और सूडान के छात्र अयूब अली के खिलाफ वीजा विस्तार में फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने के आरोप में बारादरी थाने में मामला दर्ज किया गया है।

रोहिलखंड चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज के अनुसार सूचना मिली थी कि नाइजीरियाई छात्र युसूफ बाला मुस्तफा ने वीजा विस्तार के लिए जाली पंजीकरण प्रमाणपत्र तैयार कर ऑनलाइन आवेदन में अपलोड किया है। इसके बाद गोपनीय जांच की गई, जिसमें दस्तावेज़ फर्जी निकला।

उन्होंने बताया जांच में सामने आया कि युसूफ 19 जनवरी 2025 छात्र वीजा पर भारत आया था और 31 जनवरी उसने सिटी यूनिवर्सिटी लुधियाना में बीसीए में दाखिला लिया। इसके बाद 19 जुलाई को उसने महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में बीएमएस प्रथम वर्ष में प्रवेश ले लिया। नियम के अनुसार, उसे लुधियाना से बरेली स्थानांतरण के लिए एफआरआरओ अमृतसर से अनुमोदन प्रमाणपत्र लेना आवश्यक था, लेकिन उसने इसकी कोई प्रक्रिया नहीं की थी।

उन्होंने बताया कि युसूफ ने वीजा विस्तार के लिए आवेदन किया, तो उसके साथ एक पंजीकरण प्रमाणपत्र अपलोड किया गया, जो कथित तौर पर एफआरआरओ लुधियाना द्वारा जारी बताया गया था। जांच में पता चला कि दस्तावेज़ पूर्णत: फर्जी था। पासपोर्ट में वीजा विस्तार संबंधी हेरा फेरी करने मामले में फिलहाल जांच शुरू हो गई है। मामला विदेशी छात्रों से जुड़ा हुआ है इसलिए विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावास को इसकी जानकारी दी जा रही है।

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