मिर्जापुर , फरवरी 10 -- जूनागढ़ अखाड़ा के अष्टकौशल महंत डॉ. योगानंद गिरी ने मिर्जापुर में शिवरात्रि पर निकलने वाली ऐतिहासिक पालकी यात्रा के मार्ग पर टूटी-फूटी सड़कों और अव्यवस्थाओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। मंगलवार को पालकी यात्रा समिति की बैठक के बाद उन्होंने 13 फरवरी तक व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने पर 'सनातन कर्फ्यू' लगाने की घोषणा की।
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. योगानंद गिरी ने कहा कि शिवरात्रि पर नगर की ऐतिहासिक पालकी यात्रा निकाली जाती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु नंगे पांव निर्धारित मार्ग पर पालकी लेकर चलते हैं। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में जर्जर सड़कों पर इस प्रकार यात्रा निकालना संभव नहीं है।
महंत ने बताया कि यह पालकी यात्रा पिछले 165 वर्षों से लगातार निकल रही है और उत्तर प्रदेश सरकार के गजेटियर में भी दर्ज है। हर वर्ष किसी न किसी मंत्री की इसमें भागीदारी होती है और जिला प्रशासन को व्यवस्थाओं के लिए शासन स्तर से निर्देश भी जारी किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर व्यवस्था समिति के सदस्य 19 जनवरी को जिलाधिकारी से मिलकर सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उलटे मार्ग पर और गड्ढे खोद दिए गए हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 13 फरवरी तक सड़क और अन्य व्यवस्थाएं ठीक नहीं की गईं तो आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। 'सनातन कर्फ्यू' किसी राजनीतिक दल द्वारा नहीं, बल्कि सनातन धर्मावलंबियों द्वारा लगाया जाएगा और शहर के सभी मार्गों से प्रवेश रोका जाएगा।
डॉ. गिरी ने बताया कि पालकी यात्रा में देशभर से साधु-संत शामिल होते हैं और यह पूर्वांचल का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है। इधर, आंदोलन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में महंत योगानंद गिरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बूढ़े नाथ मंदिर एवं जिले के प्राचीन इतिहास से संबंधित पुस्तक भेंट की थी और उन्हें मिर्जापुर आने का निमंत्रण दिया था, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।
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