बैतूल , मार्च 9 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के सारनी क्षेत्र स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की पाथाखेड़ा खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों का बकाया मजदूरी को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन आज 11वें दिन भी जारी रहा। दो माह से अधिक समय से वेतन नहीं मिलने से सैकड़ों मजदूर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

मजदूरों का कहना है कि होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान भी वेतन नहीं मिलने से उनमें भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब तक सभी श्रमिकों को उनकी पूरी बकाया मजदूरी नहीं मिल जाती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। धरना स्थल पर मौजूद मजदूरों ने आरोप लगाया कि खदानों में कार्यरत ठेकेदार मजदूरी भुगतान में गंभीर अनियमितताएं कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि उनके बैंक खातों में केवल 10 से 15 दिन की मजदूरी की आंशिक राशि जमा की जा रही है, जबकि कागजों में पूरा भुगतान दर्शाया जाता है और बाद में मजदूरों पर राशि वापस निकालने का दबाव बनाया जाता है।

धरने में शामिल महिला मजदूरों ने भी ठेकेदारों पर दबाव बनाकर पैसे वापस लेने का आरोप लगाया। एक महिला मजदूर ने बताया कि जब उसने बैंक खाते में जमा राशि वापस देने से इनकार किया तो उसे काम पर आने से रोक दिया गया। एटक यूनियन के अध्यक्ष श्रीकांत चौधरी ने इस संबंध में वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड प्रबंधन के सहायक परियोजना प्रबंधक से संपर्क कर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद संबंधित अधिकारी ने महिला मजदूर को अगले दिन से काम पर वापस लेने की सहमति दी।

धरना स्थल पर पहुंचे समाजसेवी प्रदीप नागले, संतोष देशमुख और मनोज पवार ने भी मजदूरों की मांगों का समर्थन किया। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बर्दे ने धरना स्थल पर पहुंचकर मजदूरों से चर्चा की और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि मजदूरों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और जब तक पाथाखेड़ा क्षेत्र के सभी ठेका मजदूरों को उनका पूरा बकाया वेतन नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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