नयी दिल्ली , दिसंबर 30 -- जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने पेयजल सेवाओं पर नजर रखने और उनके मूल्यांकन के लिए मंगलवार को 'जल सेवा आंकलन'का शुभारंभ किया।
श्री पाटिल ने इसे जल जीवन मिशन के अंतर्गत सेवा वितरण और सामुदायिक स्वामित्व को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि उन्होंने मंगलवार को मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जल जीवन मिशन पोर्टल पर ग्राम पंचायत के नेतृत्व में संचालित डिजिटल पेयजल सेवा कार्यक्षमता मूल्यांकन उपकरण ' जल सेवा आंकलन' ई-लॉन्च किया।
उन्होंने कहा कि देश में असंख्य ग्राम पंचायतों को हर घर जल का दर्जा प्राप्त होने के साथ, जल जीवन मिशन एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां नल कनेक्शन से प्रतिदिन विश्वसनीय और सुरक्षित पेयजल सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। जल सेवा आंकलन को एक सामुदायिक स्वामित्व वाली स्व-मूल्यांकन प्रणाली के रूप में परिकल्पित किया गया है और यह गांवों को केवल अनियमित और महंगे तृतीय-पक्ष सर्वेक्षणों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जल सेवा वितरण प्रणालियों पर सामूहिक रूप से विचार करने में सक्षम बनाती है। उनका कहना था कि यह पहल से सतत सेवा वितरण की ओर एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है, जो हर घर जल गांवों में पेयजल आपूर्ति की नियमितता, पर्याप्तता, गुणवत्ता और स्थिरता का आंकलन करने में ग्राम पंचायतों और ग्राम संस्थानों को महत्वपूर्ण मानती है।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल संसाधन सृजन करना ही नहीं बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सतत आधार पर विश्वसनीय पेयजल सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने राजनीतिक इच्छाशक्ति, जनभागीदारी, हितधारकों का सहयोग और संसाधनों के पर्याप्त उपयोग को इस मिशन का प्रमुख स्तंभ बताया और कहा कि जनभागीदारी हर घर जल की उपलब्धियों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है।
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