इस्लामाबाद , दिसंबर 09 -- पाकिस्तान में जनसंख्या विस्फोट और बढ़ती आबादी की ज़रूरतों को पूरा करने के दबाव के कारण प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट आयी है।
पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक 2017 से 2023 तक जनसंख्या में चार करोड़ की वृद्धि हुई, जिससे प्रति व्यक्ति वार्षिक पानी की उपलब्धता में 154 क्यूबिक मीटर की कमी आयी।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, नेशनल असेंबली को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक देश की बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में 795 क्यूबिक मीटर की और गिरावट आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के सबसे अधिक जल संकट वाले देशों में शुमार पाकिस्तान के पानी के संकट का अधिकांश कारण उसके अपने द्वारा कोई ठोस उपाय न करना है, जैसे कि सिंचाई का आधुनिकीकरण करने में विफलता, नयी नहरें बनाना, खराब और पुरानी बुनियादी ढांचे को बदलना, भंडारण बांधों की कमी तथा बड़े पैमाने पर वनों की कटाई और अनियोजित शहरीकरण ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
खाद्य सुरक्षा और अनुसंधान मंत्री राणा तनवीर हुसैन ने कहा कि देश में फसल उत्पादन में सालाना 10-15 फीसदी की गिरावट आ रही है।
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