इस्लामाबाद , फरवरी 27 -- पाकिस्तान ने शुक्रवार को दावा किया कि अफगानिस्तान के खिलाफ चले गजब लिल हक ऑपरेशन में केवल 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 27 अन्य घायल हुए जबकि अफगानिस्तान के 274 सैनिक मारे गए हैं।

पाकिस्तान सेना के डीजी आईएसपीआर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि पाकिस्तान सेना ने 73 चौकियां नष्ट कर दीं और 18 पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार तालिबान के करीब 115 टैंकों, फौजी वाहनों और तोपों को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने अफगान तालिबान शासन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी संगठन के रूप में पहचाने गए संगठन करार देते हुए गुरूवार रात को किए हमले के लिए जिम्मेदार बताया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ये हमले दिखाते हैं कि सैन्य कार्रवाई कितनी सटीक, खुफिया जानकारी पर आधारित और सावधानीपूर्वक चुनी गई थी। पाकिस्तानी सेना ने बहुत ही पेशेवर तरीके से केवल उन जगहों को निशाना बनाया जो सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थीं, ताकि तालिबान की सैन्य क्षमता को चोट पहुंचाई जा सके। इसमें कोई नागरिक या आबादी वाले इलाकों पर हमला नहीं किया गया।

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में सेना के ऑपरेशन 'गजब लिल-हक' के बारे में बताते हुए कहा कि काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार, खोस्त और पक्तिका में 22 जगहों को हमले के लिए चुना गया था। उन्होंने दावा किया कि ये लक्ष्य खुफिया जानकारी के आधार पर तय किए गए थे और इस बात का पूरा ध्यान रखा गया कि कोई नागरिक हताहत न हो। इन लक्ष्यों में अफगान तालिबान बलों के मुख्य मुख्यालय, ब्रिगेड, बटालियन और सेक्टर मुख्यालयों के साथ-साथ गोला-बारूद के डिपो, रसद और आतंकवादियों के शरण स्थलों को निशाना बनाया गया।

पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता ने कहा कि अफगान तालिबान ने कुछ हल्के किस्म के ड्रोनों से सीबी, एबोटाबाद और नौशेरा पर हमला किया लेकिन पाकिस्तान की ड्रोन रोधी प्रणाली ने उनको मार गिराया।

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