इस्लामाबाद , जनवरी 27 -- पाकिस्तान की टी20 विश्व कप 2026 में शिरकत को लेकर संशय बरकरार है। पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस मामले पर अंतिम मुहर लगाने के लिए "शुक्रवार या आगामी सोमवार" तक का समय दिया है। इस सिलसिले में नकवी ने सोमवार को मुल्क के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाक़ात कर विस्तृत चर्चा की। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही नक़वी ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया था कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का आख़िरी अधिकार सरकार के पास है और बोर्ड सरकार के निर्देशों का ही पालन करेगा।
नक़वी ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ के साथ एक सकारात्मक बैठक हुई। मैंने उन्हें आईसीसी से जुड़े मामले की जानकारी दी और उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विकल्प खुले रखते हुए इसका समाधान निकाला जाए। इस पर सहमति बनी कि भागीदारी को लेकर अंतिम फ़ैसला शुक्रवार या अगले सोमवार को लिया जाएगा।"यह भी माना जा रहा है कि विश्व कप के पूर्ण बहिष्कार का विकल्प ही एकमात्र रास्ता नहीं है, जिस पर पीसीबी विचार कर रहा है। ऐसी भी अटकलें हैं कि एक सीमित विरोध दर्ज कराने के लिए 15 फ़रवरी को भारत के ख़िलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुक़ाबले से हाथ पीछे खींचे जा सकते हैं। हालांकि, पीसीबी ने अब तक इस संभावित कदम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
दिलचस्प बात यह है कि मोहसिन नकवी के बयान के ठीक अगले दिन ही बोर्ड ने टी20 विश्व कप के लिए पाकिस्तान की टीम की घोषणा कर दी थी। टीम के ऐलान के बावजूद, मुख्य चयनकर्ता आक़िब जावेद ने साफ किया कि टूर्नामेंट में पाकिस्तान की हिस्सेदारी और उसके स्वरूप को लेकर अंतिम फैसला सरकार के पाले में ही रहेगा।
अगर नकवी के संकेत के मुताबिक पाकिस्तान अगले हफ़्ते तक फ़ैसला टालता है, तो यह काफ़ी देर से लिया गया निर्णय होगा। टूर्नामेंट में पाकिस्तान का पहला मैच ही ओपनिंग गेम है, जो 7 फरवरी को कोलंबो में नीदरलैंड्स के ख़िलाफ खेला जाना है। यह संभावित निर्णय तिथि से सिर्फ़ चार दिन पहले का मामला होगा।
ईएसपीएन क्रिकइंफो ने इस विषय पर यह जानने के लिए आईसीसी से भी संपर्क किया है कि क्या पीसीबी ने औपचारिक तौर पर उनसे कोई बातचीत की है।
पाकिस्तान की विश्व कप भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल तब और गहरा गए, जब मोहसिन नकवी ने बंगलादेश को टूर्नामेंट से बाहर करने के आईसीसी के फ़ैसले पर तीखी आपत्ति जताई। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों से भारत जाने से इनकार करते हुए वैकल्पिक वेन्यू की मांग की थी। आईसीसी ने इस मांग को खारिज करते हुए उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया।
नक़वी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आईसीसी पर भारत के पक्ष में दोहरा मापदंड अपनाने का कड़ा आरोप लगाया। उन्होंने इसे बंगलादेश के साथ सरासर नाइंसाफ़ी करार दिया और इसी संदर्भ में पाकिस्तान की अपनी भागीदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए।
नक़वी ने शनिवार को कहा था, "आप दोहरे मापदंड नहीं अपना सकते। ऐसा नहीं हो सकता कि एक देश की हर बात मानी जाए और बाकी देशों के साथ बिल्कुल अलग बर्ताव हो। इसी वजह से हमने कड़ा रुख़ अपनाया है। बंगलादेश क्रिकेट का एक अहम हिस्सा है और उनके साथ जो हुआ वह ग़लत है। उन्हें विश्व कप खेलना चाहिए था।"गौरतलब है कि पाकिस्तान की टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत नहीं आएगी और अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगी। पाकिस्तान का तर्क है कि यही विकल्प बंगलादेश को भी मिलना चाहिए था। पिछले हफ़्ते हुई आईसीसी की बैठक में पीसीबी ही इकलौता बोर्ड था, जिसने बीसीबी के रुख़ का खुलकर समर्थन किया।
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