नयी दिल्ली , जनवरी 21 -- सरकार ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार पर आधारित सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के उस कथित वीडियो को फर्जी करार दिया है जिसमें दावा किया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और चीन द्वारा इस्तेमाल की गई प्रौद्योगिकी तक पहुंचने में भारत को कम से कम 50 साल लगेंगे।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय ने बुधवार को एक फैक्ट चेक पोस्ट में कहा कि सोशल मीडिया पर सेना प्रमुख से जुड़ा एक डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया गया वीडियो सामने आया है। यह वीडियो गलत जानकारी फैलाने और सशस्त्र बलों की विश्वसनीयता को कमजोर करने की कोशिशों के तहत जारी किया गया है।

इस कथित वीडियो में जनरल द्विवेदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भारत सैन्य प्रौद्योगिकी के मामले में अपने विरोधियों से काफी पीछे है। सरकार ने कहा है कि यह बयान पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जनरल द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें तथा भ्रामक सामग्री के बारे में जानकारी दे।

यह मूल वीडियो 15 जनवरी को जयपुर में सेना दिवस परेड के दौरान जनरल द्विवेदी की मीडिया ब्रीफिंग का है। मूल बयान में सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया की सराहना की थी। उन्होंने बेहतर समन्वय, सटीक कार्रवाई और भविष्य के संघर्षों के लिए तैयारियों पर जोर दिया था।

उन्होंने कहा था, "इस ऑपरेशन ने भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर तालमेल और सटीक अभियान चलाने की क्षमता को दर्शाया है।" उन्होंने कहा था कि सेना की सोच में बदलाव आया है और वह मौजूदा चुनौतियों के साथ-साथ भविष्य के युद्धों की तैयारी पर भी काम कर रही है।

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