पुडुचेरी , मार्च 22 -- पांडिचेरी विश्वविद्यालय ने पारंपरिक मार्शल आर्ट सिलंबम के मशहूर विशेषज्ञ पद्मश्री पलानिवेल को तमिलनाडु की देसी मार्शल विरासत को बचाने और बढ़ावा देने में उनके शानदार योगदान के लिए सम्मानित किया।

विश्वविद्यालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्हें इस कला के प्रति उनके जीवन भर के समर्पण और योगदान और युवा पीढ़ी को इस सांस्कृतिक विरासत को अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर सांस्कृतिक संयोजक प्रो. श्रीकला ने भारतीय संस्कृति और परंपरा की भावना का जश्न मनाने में इस कार्यक्रम की अहमियत पर ज़ोर दिया और कहा कि तमिल संस्कृति की सबसे पुरानी पारंपरिक मार्शल आर्ट में से एक सिलंबम, हिम्मत, अनुशासन और दक्षिण भारत की समृद्ध योद्धा विरासत का प्रतीक है।

सांस्कृतिक संबंधों के निदेशक प्रो. पी. नटराजन ने अपने सम्मान भाषण में पारंपरिक कलाओं को बचाने और शैक्षणिक समाज के बीच सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने के महत्व पर ज़ोर दिया।

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