कोलकाता , जनवरी 10 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में हिंसक हमले के आरोप ने शनिवार रात को नए सिरे से राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया। भाजपा नेता ने तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस चौकी के अंदर धरना दिया।
श्री अधिकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब 8:20-8:30 बजे गरबेटा पुलिस थाना क्षेत्र के चंद्रकोना रोड बाजार इलाके के पास हुई, जब वह पुरुलिया में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद नंदीग्राम लौट रहे थे।
भाजपा कार्यकर्ता उन्हें लेने के लिए रास्ते में जमा हुए थे, तभी आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के एक समूह ने अचानक एक चौराहे पर काफिले को रोक दिया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि श्री अधिकारी की गाड़ी पर बांस की लाठियों और डंडों से हमला किया गया और दोनों पक्षों की ओर से नारे लगाए गए। बताया जा रहा है कि यह झड़प आम रास्ते पर करीब एक घंटे तक चली। श्री अधिकारी का दावा है कि लंबे समय तक चले इस हंगामे के बावजूद पुलिसकर्मियों ने मौके पर हस्तक्षेप नहीं किया।
श्री अधिकारी ने अपने फेसबुक हैंडल पर लिखा, "आज रात करीब 8:20 बजे, जब मैं पुरुलिया से लौट रहा था, चंद्रकोना रोड, पश्चिम मेदिनीपुर जिले में, टीएमसी के गुंडों ने मुझ पर बेरहमी से हमला किया।"उन्होंने आगे लिखा, "ममता बनर्जी सरकार की हिंसा और दंडमुक्ति की संस्कृति से उत्साहित इन कायरों ने ममता पुलिस की मौजूदगी में मुझ पर हमला किया। कानून के रखवाले मूक दर्शक बनकर खड़े रहे।"इसके तुरंत बाद श्री अधिकारी चंद्रकोना रोड पुलिस चौकी में घुस गए और जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि जब तक कथित हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे परिसर नहीं छोड़ेंगे।
पुलिस चौकी पर श्री अधिकारी ने एक वकील की मदद से लिखित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अतिरिक्त बल को इलाके में भेजा गया है और घटना की जांच की जाएगी ताकि पता चल सके कि वास्तव में क्या हुआ था।
इस घटना पर केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और 'एक्स' पर एक कड़ा बयान पोस्ट किया।
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