नयी दिल्ली , मार्च 07 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन से संबंधित घटनाक्रम पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे राष्ट्रपति का अपमान हुआ है और इसके लिए राज्य की सरकार जिम्मेदार है। श्री मोदी ने शनिवार को कहा कि यह घटना शर्मनाक तथा अभूतपूर्व है और जो भी लोकतंत्र तथा आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करते हैं वे सभी इससे आहत हैं। उन्होंने कहा ," राष्ट्रपति जी, जो स्वयं एक आदिवासी समुदाय से आती हैं, द्वारा व्यक्त किए गए दर्द और पीड़ा ने भारत के लोगों के मन में गहरा दुःख पैदा किया है।"राष्ट्रपति ने दार्जीलिंग के निकट बागडोगरा हवाई अड्डे के निकट सम्मेलन को संबोधित किया । इसके बाद वह विधाननगर में सम्मेलन के पूर्व निर्धारित आयोजन स्थल पर गयी। इस आयोजन स्थल पर सम्मेलन के लिए स्थानीय प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। विधान नगर में स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत करते हुए श्रीमती मुर्मु ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि यहां पर्याप्त स्थान होने के बावजूद सम्मेलन के आयोजन की मंजूरी नहीं दी गयी।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि यह मंजूरी क्यों नहीं दी गयी।
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