कोलकाता , जनवरी 10 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर आम नागरिकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसी बीच, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए पश्चिम बंगाल में चार और विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की है।

इस नवीनतम निर्णय के साथ, राज्य में एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी करने वाले विशेष पर्यवेक्षकों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

इससे पहले, आयोग ने पुनरीक्षण प्रक्रिया की निगरानी के लिए सुब्रता गुप्ता को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। अब उनके साथ चार अतिरिक्त अधिकारी भी शामिल होंगे।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, नव नियुक्त पर्यवेक्षकों में से तीन दिल्ली से भेजे जा रहे हैं, जबकि एक वर्तमान में त्रिपुरा में कार्यरत हैं। ये चारों - शैलेश, रतन बिस्वास, संदीप राठौर और विकास सिंह - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं।

यह कदम राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बढ़ते आरोपों और आलोचनाओं के मद्देनजर उठाया गया है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने पुनरीक्षण प्रक्रिया में प्रक्रियागत खामियों का आरोप लगाते हुए बार-बार सवाल उठाए हैं।

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