शिमला , जनवरी 13 -- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चल रही कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में इस पर प्रतिक्रिया देखी गयी, जहां राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को खुले तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सुश्री बनर्जी की केंद्रीय एजेंसियों का सामना करने के तरीके की प्रशंसा करते हुए उन्हें शेरनी और रॉयल बंगाल बाघिन कहा।
श्री नेगी ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई, जिसमें मुख्यमंत्री बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई पर कड़ा जवाब दिया है।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए श्री नेगी ने कहा कि चुनावों से पहले गैर-भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाने का एक स्पष्ट एवं सुनियोजित चलन दिखाई दे रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ एवं झारखंड जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इस तरह की कार्रवाइयां चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न करने और लोकप्रिय नेताओं को बदनाम करने के उद्देश्य से की जा रही हैं।
श्री नेगी ने कहा, "केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर जिस प्रकार से लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है वह बहुत चिंताजनक है। ये एजेंसियां चुनाव से ठीक पहले अचानक सक्रिय हो जाती हैं और भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश करती हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि ये एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करतीं बल्कि केंद्र सरकार की कठपुतली बनकर काम करती हैं।
हिमाचल के राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व को निशाना बनाकर पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सुश्री बनर्जी की प्रतिक्रिया साहस एवं राजनीतिक दृढ़ संकल्प का प्रतीक है और पूरे देश की लोकतांत्रिक ताकतों का समर्थन पाने की हकदार है।
श्री नेगी को एक प्रखर जनजातीय नेता के रूप में जाना जाता है और वह भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मुखर आलोचक रहे हैं। अतीत में उनके कई बयानों ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है और जनता का ध्यान आकर्षित किया है।
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