नयी दिल्ली , अप्रैल 29 -- पश्चिम एशिया संकट के कारण निरंतर बदल रही स्थिति के बीच सरकार ने कहा है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और पेट्रोल तथा डीज़ल के खुदरा मूल्य नहीं बढ़ाये जा रहे, इसलिए लोगों को घबराहट में खरीदारी से बचना चाहिए।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर यहां उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालय ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां कच्चे तेल के वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बावजूद आपूर्ति स्थिर बनाये हुए हैं। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों के प्रभाव से घरेलू उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती और निर्यात उपकर जैसे कदम भी उठाये हैं।

ईंधन की किसी भी तरह की कमी से इनकार करते हुए, अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनानेकी सलाह भी दी गयी है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गयी है, जहां केवल 28 अप्रैल को ही 50.8 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किये गये, साथ ही प्रवासी श्रमिकों के लिए 73,000 से अधिक पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर भी उपलब्ध कराये गये। वैश्विक दबावों के बावजूद, एलपीजी वितरकों पर किसी भी प्रकार की 'कमी' की सूचना नहीं है।

वाहनों के लिए एलपीजी की खपत में भी वृद्धि हुई है और अप्रैल में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वाराऔसत दैनिक बिक्री लगभग 353 टन तक पहुंच गयी, जो जनवरी और फरवरी में दर्ज 177 टन की तुलना में लगभग दोगुनी है। इससे वैकल्पिक ईंधनों की ओर बदलाव का संकेत मिलता है।

सरकार ने कहा कि वह घरेलू पीएनजी और सीएनजी ब्लाकों में 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है, साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा रही है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

आपूर्ति प्रबंधन को मजबूत करने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत निगरानी तेज करने के निर्देश दिये गये हैं, और जमाखोरी तथा कालाबाज़ारी पर अंकुश लगाने के लिए पिछले 24 घंटों में देशभर में 2,200 से अधिक प्रवर्तन छापे मारे गये हैं।

बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने निर्बाध समुद्री संचालन और सुचारु निर्यात-आयात गतिविधि सुनिश्चित करने के उपायों की समीक्षा की। सभी भारतीय बंदरगाह भीड़भाड़ से मुक्तहैं और सभी नाविक सुरक्षित हैं। खाड़ी क्षेत्र से अब तक 2,800 से अधिक भारतीय नाविकों की स्वदेश वापसी कराई जा चुकी है।

इस बीच, विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं, जहां तेहरान में भारतीय दूतावास ईरान में आंशिक वायु क्षेत्र प्रतिबंधों के बीच सीमाओं के माध्यम से 2,464 भारतीयों की निकासी में सहायता कर रहा है।

सरकार ने कहा है कि विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वित कार्रवाई और राज्यों के साथ सक्रिय सहभागिता के माध्यम से भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक्स और नागरिक कल्याणमें स्थिरता सुनिश्चित की जा रही है।

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