बेतिया, मार्च 26 -- बिहार में पश्चिम चंपारण जिले की एक अदालत ने नाबालिग छात्रा को बहला फुसलाकर कर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए गुरुवार को दोषी को बीस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने कांड के नामजद अभियुक्त बुधवलिया दक्षिण तेलुवा निवासी उपेंद्र चौधरी उर्फ उपेंद्र कुमार को दोषी पाते हुए उसे गुरुवार को बीस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वही उसके ऊपर चालीस हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है।

विशेष न्यायाधीश ने इस कांड की पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत तीन लाख रुपए सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है।

पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना 15 दिसंबर वर्ष 2023 की है। घटना के दिन सुबह 9:00 बजे एक नाबालिग बच्ची स्कूल जा रही थी ।इसी क्रम में अभियुक्त उस रास्ते से ही बहला फुसलाकर कर अपने साथ ले गया। काफी खोजबीन करने पर भी पीड़िता का पता नहीं चला। उसके बाद पीड़िता के पिता ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उसके बाद पुलिस ने पीड़िता को न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अभियुक्त उसे जबरन बेंगलुरु ले गया था। जहां कुछ दिनों तक उसे एक कमरे में रखा तथा उसके साथ दुष्कर्म किया ।खोजबीन करने के बाद अभियुक्त उपेंद्र चौधरी के बड़े भाई वहां पहुंचे तथा पीड़िता एवं अभियुक्त को पड़कर अपने साथ लेते आए और दोनों का स्थानीय थाने के हवाले कर दिया ।इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने भादवि की धारा 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 में अभियुक्त को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई है।

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