हरदोई , दिसंबर 03 -- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में भैंस चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।टडियावां पुलिस और पशु तस्करों के बीच बीती मध्यरात्रि बाद हुई मुठभेड़ में 25-25 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने इनके कब्जे से एक वैगनआर कार और अवैध असलहे भी बरामद किए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बेनीगंज थाना क्षेत्र के जसईपुर,पिपरी और लोधखेड़ा गांवों में भैंस चोरी की तीन घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी। इन वारदातों में चोरों ने कुल 12 भैंस चोरी कर ली थीं। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

इसी अभियान के तहत टडियावा पुलिस अहिरोरी पुल के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान गोपामऊ की ओर से आ रही एक संदिग्ध वैगनआर कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए ग्राम शंकरपुर के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।

पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के दाएं पैर में गोली लगी और उन्हें दबोच लिया गया। घायल तस्करों की पहचान सलमान पुत्र उस्मान निवासी अकोहरा, थाना सिधौली, सीतापुर तथा कल्लू पुत्र चिरागअली निवासी सरौरा कला, थाना कमलापुर, सीतापुर के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार, दो तमंचे 315 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए। दोनों को सीएचसी टडियावां से जिला अस्पताल रेफर किया गया।

वहीं इस गिरोह के दो अन्य सदस्य फुरकान और शराफत को बेनीगंज पुलिस पहले ही मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में पशु चोरी की वारदातों पर अंकुश लगेगा।

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