कुरुक्षेत्र , फरवरी 08 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में पशुपालन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार का उद्देश्य पशुपालन को आधुनिक लाभदायक और टिकाऊ बनाकर पशुपालकों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
श्री सैनी कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा सांसद नवीन जिंदल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और श्रेष्ठ नस्ल के पशुओं का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है और प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध की उपलब्धता 1,128 ग्राम है। इसका श्रेय राज्य के मेहनती पशुपालकों को जाता है। सरकार पशु स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचा रही है उन्नत नस्ल सुधार को बढ़ावा दे रही है और दुग्ध संग्रहण व विपणन की मजबूत व्यवस्था तैयार कर रही है।
उन्होंने बताया कि पशुपालकों को सशक्त बनाने के लिए अब तक 22 लाख पशुपालक किसानों के क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जा चुके हैं जिनके माध्यम से 3,449 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
इसके अलावा 26,000 पशुपालकों को 106 करोड़ रुपये के बीमा दावे दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत हजारों पशुपालन इकाइयां स्थापित की गई हैं। मिनी डेयरी योजना में 10 दुधारू पशुओं तक की डेयरी पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। महिला सशक्तिकरण के तहत अब तक 287 महिला किसान डेयरियां स्थापित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कम लागत वाली खेती का प्रभावी माध्यम है। सरकार वर्ष 2025-26 में एक लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री ने पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और पशुओं का बीमा कराने की अपील की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित