रांची , नवम्बर 07 -- झारखंड के पलामू जिले में बिहार के पड़ोसी इलाकों गया, औरंगाबाद और रोहतास में 11 नवंबर को होने वाली बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बिहार में चुनाव की प्रक्रिया को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले के सीमावर्ती इलाके को अगले 48 घंटों में पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। इसके साथ ही नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), झारखंड जगुआर, बिहार एसटीएफ सहित कई बलों को तैनात किया जाएगा।

जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने आज बताया कि सीमावर्ती इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नक्सलियों की हरकतों पर रोक के लिए चेक पोस्ट के माध्यम से सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बिहार में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है।

मतदान से पहले क्षेत्र के सभी नक्सली कमांडरों और उनके समर्थकों की सूची हाल ही में दोनों राज्यों ने साझा की है। इस सूची के आधार पर हर नक्सली कमांडर और उनका समर्थक विशेष रूप से निशाना बनाया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती इलाके को वोटिंग से पहले पूरी तरह से सेनेटाइज भी किया जाएगा।

सुरक्षा बढ़ाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले में इंटरस्टेट चेक पोस्ट का निर्माण किया गया है। पलामू में चार चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां पुलिस और दंडाधिकारी तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। वोटिंग से ठीक 48 घंटे पहले इन चेक पोस्ट के माध्यम से बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।

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