रांची , जनवरी 28 -- झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व के गारू पश्चिमी प्रक्षेत्र में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी के खिलाफ वन विभाग और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है।
टीम ने जाल बिछाकर हाथी के दो बड़े दांतों के साथ एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पलामू टाइगर रिजर्व साउथ डिवीजन के डीएफओ कुमार आशीष ने बताया कि सुरकमी क्षेत्र में हाथी दांत की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और पलामू टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने मिरचइया वॉटरफॉल के पास घेराबंदी कर छापेमारी की, जहां से एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन कुमार गुप्ता (25 वर्ष), पिता अशोक प्रसाद, निवासी बारेसांढ़ के रूप में हुई है। उसके पास से हाथी के दो बड़े दांत बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 50 एवं 51 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक प्रक्रिया में भेजा गया है।
डीएफओ कुमार आशीष ने स्पष्ट कहा कि संरक्षित वन्यजीवों के अंगों का व्यापार एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि 22 सितंबर 2022 को बारेसांढ़ रेंज के लाटू जंगल से करीब 300 ग्राम हाथी दांत की बरामदगी हुई थी, उस समय तस्कर फरार हो गया था। आशंका है कि गिरफ्तार सचिन गुप्ता उसी पुराने तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। हाल के दिनों में पैंगोलिन स्केल्स की तस्करी के मामलों में भी कई गिरफ्तारियां की गई हैं। विभाग अब इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने के लिए नेटवर्क खंगाल रहा है।
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