चेन्नई , मार्च 24 -- तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी बुधवार से अपना चुनावी अभियान शुरू करेंगे।
अन्नाद्रमुक ने मंगलवार को श्री पलानीस्वामी के पहले चरण के अभियान का कार्यक्रम जारी किया, जो एक अप्रैल तक की अवधि के लिए होगा। वह अपना अभियान दक्षिण चेन्नई के मायलापुर निर्वाचन क्षेत्र से शुरू करेंगे। पार्टी की प्रमुख संपर्क पहल 'मक्कलै काप्पोम, थमिझगाथाई मीतपोम' (लोगों की रक्षा करना, तमिलनाडु को पुनः प्राप्त करना) के हिस्से के रूप में यह अभियान तमिलनाडु के प्रमुख जिलों को कवर करेगा।
प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान श्री पलानीस्वामी सीधे मतदाताओं से जुड़ेंगे और सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करेंगे तथा अन्नाद्रमुक उम्मीदवारों एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सहयोगियों के लिए समर्थन जुटाएंगे। इस अभियान को तमिलनाडु में शासन व्यवस्था को वापस पाने और जवाबदेही बहाल करने के लिए एक जन-केंद्रित आंदोलन के रूप में पेश करते हुए श्री पलानीस्वामी द्वारा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार की विफलताओं, विशेष रूप से कानून और व्यवस्था, महिला सुरक्षा, किसानों के कल्याण और अधूरे चुनावी वादों जैसे मुद्दों को उजागर करने की उम्मीद है।
श्री पलानीस्वामी अन्नाद्रमुक के संस्थापक 'पुरैत्ची थलैवर' एमजीआर और दिवंगत नेता 'पुरैत्ची थलैवी' अम्मा जे. जयललिता की विरासत पर आधारित पारदर्शी, कुशल और जन-प्रथम शासन के प्रति अन्नाद्रमुक की प्रतिबद्धता को भी दोहराएंगे।
अभियान के पहले दिन श्री पलानीस्वामी मायलापुर में मतदाताओं से मिलेंगे और एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। 27 मार्च को वह पड़ोसी कांचीपुरम जिले के आलंदूर और फिर चेंगलपट्टू जिले के तांबरम में अभियान सभाओं को संबोधित करेंगे। 28 मार्च को उत्तर चेन्नई के आर.के. नगर और तिरुवोट्टियूर में बैठकें निर्धारित हैं।
इसके बाद अगले चार दिनों के दौरान वह दक्षिणी जिलों का व्यापक दौरा करेंगे, जिसकी शुरुआत 29 मार्च को कन्याकुमारी जिले के नागरकोइल और तिरुनेलवेली जिले के राधापुरम से होगी। 30 मार्च को तेनकासी जिले के कडयनाल्लूर और थूथुकुडी जिले के कोविलपट्टी में, 31 मार्च को विरुधुनगर जिले के शिवकाशी और रामनाथपुरम जिले के परमकुडी में सभाएं होंगी। चुनाव प्रचार का पहला चरण एक अप्रैल को मध्य तमिलनाडु के शिवगंगा और पुदुक्कोट्टई में बैठकों के साथ समाप्त होगा।
अन्नाद्रमुक ने कहा कि यह दौरा केवल एक चुनावी अभियान नहीं है, बल्कि शासन को जनता से फिर से जोड़ने और बदलाव के लिए पूरे तमिलनाडु में बढ़ती पुकार का जवाब देने के लिए एक निर्णायक आंदोलन है।
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