इंदौर , दिसंबर 8 -- माउंट एवरेस्ट फतह कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने वाली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही भावना डेहरिया को विक्रम अवॉर्ड मिलने का रास्ता साफ हो गया है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने सोमवार को उनके चयन पर लगी रोक हटाते हुए याचिका खारिज कर दी और राज्य सरकार के निर्णय को नियमसंगत बताया।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने कहा कि वर्ष 2023 के एडवेंचर स्पोर्ट्स कैटेगरी में भावना डेहरिया का चयन नियमों के अनुरूप है। यह जानकारी उनके पक्ष में उपस्थित अधिवक्ता अनुनय श्रीवास्तव ने दी। राज्य सरकार की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल श्रेय राज सक्सेना ने पक्ष रखा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।

याचिकाकर्ता मधुसूदन पाटीदार ने दावा किया था कि वे भावना डेहरिया से वरिष्ठ हैं और उन्हें ही पुरस्कार मिलना चाहिए। लेकिन अदालत ने पाया कि पाटीदार का एवरेस्ट आरोहण वर्ष 2017 का है, जो राज्य के पुरस्कार नियम 2021 में निर्धारित पांच वर्ष की पात्रता अवधि से बाहर है। नियम 5 के अनुसार एडवेंचर स्पोर्ट्स कैटेगरी में केवल पिछले पाँच वर्षों की उपलब्धियां मान्य मानी जाती हैं। इस आधार पर उन्हें वर्ष 2023 के पुरस्कार के लिए अयोग्य माना गया।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2021, 2022 और 2023 में पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप रही। इसलिए सूचना या नोटिस से जुड़ी आपत्तियां भी अस्थिर पाई गईं।

याचिका खारिज होने के बाद अब भावना डेहरिया को विक्रम अवॉर्ड देने में कोई बाधा नहीं है। राज्य सरकार जल्द ही उन्हें सम्मानित करेगी।

छिंदवाड़ा जिले के तामिया गांव की निवासी भावना डेहरिया दुनिया की पांच महाद्वीपीय सर्वोच्च चोटियों माउंट एवरेस्ट (एशिया), किलिमंजारो (अफ्रीका), कोज़िउस्को (ऑस्ट्रेलिया), एलब्रस (यूरोप) और अकोंकागुआ (दक्षिण अमेरिका) पर तिरंगा फहरा चुकी हैं। वे मध्यप्रदेश से एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिलाओं में शामिल हैं और अब एडवेंचर स्पोर्ट्स कैटेगरी में विक्रम अवॉर्ड पाने वाली पहली महिला बनेंगी।

वे और उनकी चार वर्षीय बेटी सिद्धि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। भारतीय हिमालय को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए उन्होंने एक विशेष गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज कराया है। भावना डेहरिया ने कहा कि यह सम्मान उनके साहस, समर्पण और पर्वतारोहण में किए गए कठिन प्रयासों का प्रमाण है।

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