नयी दिल्ली , जनवरी 09 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली विधानसभा में कहा कि पर्यावरण सरकार के लिए कोई राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि एक साझा जिम्मेदारी है, जिससे प्रत्येक नागरिक और परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है।

श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की मुखिया होने के नाते वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से महसूस करती हैं और इसी कारण उनकी सरकार न तो विपक्षी दलों पर और न ही पड़ोसी राज्यों पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति रखती है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार न तो विपक्ष पर और न ही पड़ोसी राज्यों पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बचने में विश्वास करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर केवल दिखावटी और अस्थायी कदम उठाए तथा मीडिया के सामने प्रतीकात्मक विरोध कर जनता को गुमराह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकाल में भी और वर्तमान में भी जनता को भ्रमित करने का यही तरीका अपनाया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना सरकार की प्रतिबद्धता और संकल्प है। पिछली सरकार ने पर्यावरण को कभी समग्र दृष्टिकोण से नहीं देखा और केवल अस्थायी उपायों को ही उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री कहा कि वर्षों से प्रदूषण की स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ, जिससे यह स्पष्ट है कि समस्या का समाधान जमीनी उपायों से ही संभव है। कभी स्मॉग टॉवर बनाकर यह मान लिया गया कि समस्या का समाधान हो गया, तो कभी रेड लाइट पर इंजन बंद करने जैसे सीमित उपायों को ही पर्याप्त कदम बताया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदूषण से जुड़े आँकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2016 से लेकर 2025 तक प्रदूषण से जुड़े खराब दिनों के आँकड़े यह दर्शाते हैं कि समस्या बनी हुई है और इसमें मौसम, वाहनों की संख्या, एनसीआर से आने वाली हवाएँ और धूल के कण जैसे कई कारक जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कि प्रदूषण किसी एक सरकार या राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की भौगोलिक और संरचनात्मक वास्तविकता से जुड़ा हुआ है।

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