पटना , जनवरी 06 -- बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान सम्पूर्ण मानव जगत को सुरक्षित रखने वाली एक व्यापक एवं बहुआयामी सोच पर आधारित पहल है, जिसके माध्यम से हम अपने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन में हो रहे अप्रत्याशित बदलाव के दुष्परिणामों से निपटने के लिए कार्य कर रहे है।

मंत्री श्री कुमार ने आज यहां बापू टावर में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जल-जीवन-हरियाली दिवस आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के क्रियान्वयन से राज्य के जल संचयन के विभिन क्षेत्रों में अप्रत्याशित उपलब्धि हासिल हुई है, जिससे कि राज्य में जल संचयन के विभिन्न आयामों यथा-सिंचाई कि सुविधा, पर्याप्त मात्रा में जल कि उपलब्धता, भू-जल स्तर में वृद्धि इत्यादि का लाभ प्राप्त हो रहा है ।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली के बिना जीवन सुरक्षित नहीं है, इसे बचाने एवं इसके उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए हमें आम जनों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है, जिससे हम आने वाली चुनौतियों से निपट सके। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं। ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा अभियान के 06 अवयवों अंतर्गत यथा-सार्वजनिक जल संचयन सरंचनाओं- तालाबों / आहरों / पोखरों / पईनों का जीर्णोद्धार, सार्वजनिक चापाकलों / कुंओं के किनारे सोख्ता निर्माण, चेक डैम निर्माण, नए जल स्रोतों का सृजन, भवनों में छत वर्षा जल संचयन सरंचना का निर्माण एवं पौधशाला सृजन तथा सघन पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है ।

प्रधान सचिव ने बताया कि जल संचयन सरंचनाओं के प्रभाव से जल को सहेजने और एक जगह से दुसरे जगह प्रवाहित करने में मदद एवं तात्कालिक जरूरतों कि पूर्ति हो रही है, वही दूसरी ओर भूमिगत जल के दोहन एवं भूमिगत जल पुनर्भरण के बीच संतुलन बनाये रखने में लाभ प्राप्त हो रहा है । भू-जल संचयन एवं पुनर्भरण के लिए क्षेत्र के अनुरूप प्राकृतिक अथवा कृत्रिम तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

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