वाराणसी , अप्रैल 28 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस समेत अन्य विरोधी दलों पर खुल कर निशाना साधते हुये कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिये कुछ परिवारवादी दल देश की बहन बेटियों को विधानसभा और संसद में नहीं आने देना चाहते हैं।
श्री मोदी ने मंगलवार को यहां महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा भाजपा-एनडीए सरकार का मतलब ही है नारी शक्ति का उत्थान, नारी सशक्तिकरण और महिलाओं का जीवन आसान बनाना है। आज हर क्षेत्र और हर मोर्चे पर भारत की बेटियां शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। इसलिए स्वाभाविक है कि नीति निर्माण और राष्ट्र से जुड़े भविष्य के महत्वपूर्ण फैसलों में भी बहनों-बेटियों की भूमिका और बढ़नी चाहिए। देश को आज इसकी बहुत जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई संसद भवन बनाने के पीछे भी महिलाओं की अधिक भागीदारी का विचार एक बड़ा कारण था। महिलाओं को आरक्षण देने का मुद्दा पिछले 40 वर्षों से लंबित पड़ा था। वर्ष 2023 में भाजपा-एनडीए सरकार ने संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित कर इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया।
मोदी ने कहा, "कानून बनने के बाद उसे लागू करना भी जरूरी है। इसलिए हाल ही में संसद में इस पर चर्चा की गई और संविधान संशोधन के लिए कानून लाया गया, जिसके बाद बहनें ज्यादा संख्या में विधानसभाओं और संसद में पहुंच सकेंगी लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियों ने एक बार फिर देश की महिलाओं के साथ धोखा किया। इन दलों ने पिछले चालीस वर्षों से महिला आरक्षण पर ब्रेक लगाए रखा। समाजवादी पार्टी ने तो इसे खुलकर लाल झंडी दिखा दी है।"प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ये सारे परिवारवादी दल नारी शक्ति से डरे हुए हैं। ये दल देश की बहनों-बेटियों को विधानसभा और संसद में नहीं आने देना चाहते, क्योंकि उन्हें पता है कि अगर बेटियां धरातल पर सक्रिय हो गईं तो इनका परिवारवाद और सत्ता पर एकाधिकार खत्म हो जाएगा।
मोदी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश की बहनों-बेटियों ने इन दलों की कुटिल मंशा को अच्छी तरह पहचान लिया है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में असम, केरल, पुदुचेरी, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बहनों ने रिकॉर्ड मतदान किया। यह वोट महिला विरोधी दलों को सजा देने के लिए पड़ा है।
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