पटना , फरवरी 13 -- परिवहन विभाग ने यातायात नियमों की सख्ती से दो महीनों (दिसंबर 2025-जनवरी 2026) में पिछले आठ महीनों की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत अधिक चालान काटे हैं।

इन दो महीनों के चालानों की कुल राशि का 30 प्रतिशत से ज्यादा जमा भी हो चुकी है, जो रिकवरी में तेजी का संकेत है।

परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि सतत निगरानी, नियमित समीक्षा और हैंड हेल्ड डिवाइस के प्रभावी उपयोग से यह संभव हुआ। उन्होंने बताया कि अप्रैल-नवंबर 2025 तक औसतन 43 हजार चालान प्रति माह कट रहे थे, जबकि दिसंबर 2025 से फरवरी अबतक यह बढ़कर 62 हजार प्रति माह हो गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने अप्रैल 2025 से अब तक कुल 4,97,131 चालान जारी किए हैं, जिनकी कुल राशि 301 करोड़ 28 लाख रुपये से अधिक है। इसमें से 115 करोड़ 23 लाख रुपये से ज्यादा जमा हो चुकी है। बीते दो महीनों के चालानों की राशि ही 90 करोड़ 97 लाख रुपये से अधिक है, जिसमें से 28 करोड़ 60 लाख रुपये (करीब 30 प्रतिशत) जमा हो चुकी है।

मंत्री श्री कुमार ने बताया कि सबसे अधिक चालान भभुआ जिले में काटे गए हैं। यहां 30,833 चालान काटे गए, जिनकी कुल राशि 12 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक है। इनमें से 10 करोड़ 18 लाख रुपये से ज्यादा की राशि जमा हो चुकी है।

मंत्री श्री कुमार ने कहा कि चालान जारी करने का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और दुर्घटनाओं की संख्या को कम करना है। विभाग का फोकस लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक और प्रेरित करना है, न कि सिर्फ जुर्माना वसूलना। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करने से न केवल सड़कों पर सुरक्षा बढ़ती है बल्कि ट्रैफिक जाम, वायु प्रदूषण, ईंधन की बर्बादी और अन्य समस्याओं से भी काफी हद तक निजात मिलती है। उन्होंने कहा कि हैंड हेल्ड डिवाइस के उपयोग से चालान प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी, तेज और डिजिटल हो गई है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी खत्म हो जाती है।

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