लखनऊ , दिसंबर 06 -- अवध एसोसियेशन ऑफ फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलिटेशन के उत्तर प्रदेश चैप्टर के तत्वावधान में शनिवार को एसजीपीजीआईएमएस के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में परिधीय तंत्रिकाओं के मस्कुलोस्केलेटल (एमएसके) अल्ट्रासाउंड पर एक राज्य-स्तरीय सम्मेलन-पूर्व कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमन ने किया। प्रो. धीमन ने कहा, "एमएसके अल्ट्रासाउंड जैसे नवाचार फिजियाट्रिस्टों को मरीजों का शीघ्र व अधिक सटीक रूप से निदान और उपचार करने में सक्षम बनाते हैं। ऐसी कार्यशालाएं हमारे राज्य में पुनर्वास देखभाल के भविष्य को मजबूत बनाती हैं।"उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में प्रो. अरुण श्रीवास्तव (प्रभारी, एटीसी) और प्रो. वी. एस. गोगिया विभागाध्यक्ष, पीएमआर, डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज शामिल थे। कार्यशाला के संयोजक के रूप में डॉ. सिद्धार्थ राय ने इस आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होने कहा "तंत्रिका संबंधी चोटों के निदान और सटीक, न्यूनतम इनवैसिव इंटरवेंशन करने में "परिधीय तंत्रिका अल्ट्रासाउंड अपरिहार्य हो गया है। युवा फिजियाट्रिस्टों को इन उन्नत कौशलों से सशक्त बनाने से चोट और पुनर्वास सेटिंग्स में रोगी सेवा में सीधे सुधार होगा।"जयपुर से डॉ. कंचन शर्मा और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, नई दिल्ली से डॉ. हरलीन उप्पल ने रिसोर्स फैकल्टी के रूप में दौरा किया। अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने भी आधुनिक फिजियाट्री में इमेजिंग-निर्देशित इंटरवेंशन के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया। उत्तर प्रदेश भर से कुल 40 युवा फिजियाट्रिस्टों ने हाई-रिज़ॉल्यूशन नर्व स्कैनिंग और निर्देशित प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक सत्रों में भाग लिया।
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