प्रिटोरिया , जनवरी 24 -- नामीबिया के राष्ट्रीय नीति आयोग के महानिदेशक काइरे बुएंडे ने कहा है कि उनका देश अपनी ऊर्जा चुनौतियों के दीर्घकालिक समाधान के लिये परमाणु ऊर्जा उत्पादन पर विचार कर रहा है।
अमेरिकी प्रसारक एनबीसी ने शुक्रवार को विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) का हिस्सा बने श्री बुएंडे के हवाले से कहा, " अफ्रीका के सबसे बड़े और दुनियाके तीसरे सबसे बड़े यूरेनियम उत्पादक के तौर पर हम परमाणु ऊर्जा बनाने की संभावनाओं से नज़रें नहीं चुरा सकते, खासकर तब जब हमारे देश सेनिकलने वाला यूरेनियम दुनियाभर में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का ईंधन बन रहा है। "उन्होंने कहा कि सरकार ने एक संबंधित राष्ट्रीय परमाणु रणनीति बनायी है। उन्होंने बताया कि आज नामीबिया अपनी 60 प्रतिशत ऊर्जा दक्षिण अफ्रीका से आयात करता है और 60 प्रतिशत से भी कम आबादी के पास बिजली की सुविधा है। उन्होंने कहा कि साथ ही, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के इस्तेमाल की संभावना पर विचार किया जा रहा है और इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए अनुभवी अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ सहयोग पर भी बात हो रही है।
रूसी सरकारी परमाणु निगम, रोसाटॉम ने 14 जनवरी को कहा था कि रूस और नामीबिया ने यूरेनियम भंडारों पर मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की है। नामीबिया के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम भंडार है और यह अफ्रीका का सबसे बड़ा उत्पादक बना हुआ है।
छोटे और मध्यम न्यूक्लियर रिएक्टर न्यूक्लियर फिशन रिएक्टर होते हैं, जो पारंपरिक परमाणु संयंत्रों से काफी छोटे होते हैं। इन्हें एक जगह बनाकर दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने 2018 में कहा था कि ऐसे रिएक्टर उभरती हुई परमाणु ऊर्जा तकनीक में सबसे बेहतरीन हैं।
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