पन्ना , दिसंबर 5 -- मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिज़र्व में बाघों की बढ़ती संख्या के साथ उनके बीच इलाके पर आधिपत्य को लेकर आपसी संघर्ष भी बढ़ते जा रहे हैं। इन्हीं संघर्षों के दौरान कई बार बाघ गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इसी क्रम में रिज़र्व का 11 वर्षीय प्रसिद्ध नर बाघ पी-243 आपसी संघर्ष में फिर बुरी तरह जख्मी हो गया है। उसके सिर पर गहरा घाव बना हुआ है, जिसका वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।

पी-243 वही नर बाघ है जिसने वर्ष 2021 में अपनी मां पी-213(32) की मृत्यु के बाद चार अनाथ शावकों की सफल परवरिश कर सबको चौंका दिया था। यह बाघ इससे पहले भी अप्रैल 2025 में टेरिटोरियल फाइट में गंभीर रूप से घायल हुआ था। उस समय भी उसके सिर में गहरा घाव हो गया था, जो प्राकृतिक रूप से ठीक न होने पर ट्रेंकुलाइज कर वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसका उपचार किया था।

अब लगभग आठ माह बाद फिर उसी स्थान पर बाघ को घाव हो गया है। पन्ना टाइगर रिज़र्व के उपसंचालक मोहित सूद ने बताया कि बाघ पी-243 कुछ दिनों पहले घायल पाया गया था, जिसके बाद उसका उपचार तुरंत शुरू कर दिया गया है। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गुप्ता व विशेषज्ञों की टीम लगातार उसकी देखरेख कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, उपचार के बाद घाव तेजी से सूख रहा है और उम्मीद है कि निरंतर निगरानी व देखभाल से बाघ जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर पुनः जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण करेगा।

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