पन्ना , नवंबर 19 -- मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में गाइडों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रहने से पर्यटक परेशान हो रहे हैं। गाइडों के न होने से पर्यटक वाहनों के साथ कोर जोन में प्रवेश के दौरान नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति बन रही है। कई पर्यटक बिना गाइड जंगल में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा और प्रोटोकॉल पर भी असर पड़ रहा है।

गाइडों ने बताया कि उनकी हड़ताल का मुख्य कारण क्षेत्र संचालक द्वारा 13 नवंबर को अचानक जारी किया गया वह आदेश है, जिसमें कोर गेट मंडला और झिन्ना गेट बफर के लिए नए गाइडों की भर्ती की घोषणा की गई है। गाइडों का कहना है कि इस आदेश की न तो कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही उनसे किसी प्रकार की चर्चा की गई।

मौजूदा स्थिति में कोर गेट मंडला में पहले से ही 49 गाइड कार्यरत हैं और उन्हें भी प्रतिदिन पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में नई भर्ती होने से पुराने गाइडों की रोजी-रोटी पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार को गाइड अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं स्थानीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह से जिला मुख्यालय में मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

गाइडों ने मांग की है कि नई भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और पुराने गाइडों को उनके पद पर यथावत बनाए रखा जाए। इसके साथ ही महिला गाइडों ने झिन्ना बफर में नाइट सफारी भेजे जाने पर सुरक्षा का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मोहित सूद ने आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए कहा कि यदि नाइट सफारी में नहीं जाना है तो वे नौकरी छोड़ दें। इस कथित व्यवहार से महिला गाइडों में गहरा आक्रोश है। सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने गाइडों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके शीघ्र और न्यायपूर्ण निराकरण का आश्वासन दिया है।

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