आगरा , फरवरी 13 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का नाम 'सेवा तीर्थ' किए जाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि पीएमओ का नाम कुछ भी रखा जाए, उसमें जो भी बैठे उसे देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
प्रो यादव शुक्रवार को यहां कहा कि चाहे पीएमओ का नाम कुछ भी रखा जाए, उसमें जो भी बैठे उसे देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए और पार्टी हित को दूसरे स्थान पर। उन्होंने कहा कि पद की गरिमा और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि वंदे मातरम न गाने वालों को "कान पकड़कर निकाल देना चाहिए।" रामगोपाल यादव ने कहा कि कोई भी 'वंदे मातरम' का विरोध नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के किसी नेता का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान नहीं रहा है।
उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कुछ लोग अभी से स्वयं को प्रधानमंत्री मानने लगे हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
रामगोपाल यादव के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है।
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