तिरुवनंतपुरम , फरवरी 06 -- केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ माकपा नेता वी. एस. अच्युतानंदन के परिवार ने संकेत दिया है कि इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान को स्वीकार करने के संबंध में कोई भी निर्णय दिवंगत नेता की राजनीतिक विचारधारा और उनके द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए कम्युनिस्ट आंदोलन की लंबे समय से चली आ रही स्थिति के अनुरूप ही लिया जाएगा। श्री अच्युतानंदन को मरणोपरांत पद्म विभूषण देने की घोषणा की गयी है।
श्री अच्युतानंदन के पुत्र अरुण कुमार वी.ए. ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने औपचारिक रूप से परिवार को इस सम्मान के बारे में सूचित किया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता के प्रति जनता का जो स्नेह और सम्मान रहा है, वही उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी ताकत है।
श्री कुमार ने स्पष्ट किया कि यह सही है कि यह सम्मान श्री अच्युतानंदन के लंबे सार्वजनिक जीवन और योगदान को मान्यता देता है लेकिन जिस राजनीतिक आंदोलन का उन्होंने प्रतिनिधित्व किया, उसका आधिकारिक सम्मानों को लेकर एक स्पष्ट और सैद्धांतिक रुख रहा है। एक समर्पित साम्यवादी के रूप में श्री अच्युतानंदन ने अपने पूरे जीवन में पार्टी के निर्णयों और मूल्यों का पालन किया। परिवार का मानना है कि जनता के दिलों में उनका स्थान किसी भी औपचारिक पुरस्कार से कहीं बड़ा है।
उन्होंने दिवंगत नेता के प्रति प्यार और विश्वास दिखाने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया और दोहराया कि सार्वजनिक सेवा ही उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।
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