बैतूल , जनवरी 12 -- मध्यप्रदेश में बैतूल के शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में आयोजित तीन दिवसीय श्री अन्न मिलेट्स मेला-2026 में पद्मश्री सम्मानित आदिवासी किसान लहरी बाई लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। डिंडौरी जिले की निवासी लहरी बाई को मिलेट्स के संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
मेले में लहरी बाई अपने साथ 150 से अधिक प्रकार के मोटे अनाज लेकर पहुंचीं, जिन्हें देखने और उनके बारे में जानकारी लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उन्होंने बताया कि कोदो, कुटकी, रागी, सांवा, कांगनी जैसे पारंपरिक अनाज आदिवासी समाज की पीढ़ियों पुरानी विरासत हैं, जिन्हें उन्होंने वर्षों की मेहनत से संरक्षित किया है।
लहरी बाई ने कहा कि मिलेट्स केवल भोजन नहीं, बल्कि सेहत, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से अपील की कि वे मोटे अनाज को अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाएं।
मेले का शुभारंभ केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री दुर्गादास उइके, विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार एवं नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर ने किया। अतिथियों ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और जैविक उत्पादों की सराहना की।
तीन दिवसीय मेले में मिलेट्स से बने पारंपरिक एवं आधुनिक व्यंजन, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इस आयोजन का आयोजन प्रत्याशा फाउंडेशन, ताप्ती दर्शन ट्रस्ट और कृषि विभाग बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है।
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