राजनांदगांव , मई 05 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में मंगलवार को पुलिस ने पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश को नाकाम करते हुए दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार यह घटना आज सुबह करीब 10 बजे की है। बेमेतरा जिले की रहने वाली खुशबू साहू ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ जिसमें एक महिला और दो पुरुष थे फूलबासन जी के निवास पर पहुंची थी। आरोपियों ने किसी विषय पर चर्चा करने के बहाने उन्हें घर से बाहर नीचे बुलाया। जैसे ही वे पास आईं, आरोपियों ने उन्हें जबरन अपनी कार में बैठा लिया और मौके से फरार हो गए।

अपहरणकर्ताओं ने फूलबासन बाई यादव का विरोध रोकने के लिए कार के भीतर ही उनके हाथ और मुंह बांध दिए थे। आरोपी उन्हें जिले की सीमा से बाहर ले जाने की फिराक में थे, लेकिन उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।

जब आरोपियों की कार खैरागढ़ क्षेत्र के चिखली पुलिस चौकी के पास पहुंची, तो वहां रूटीन जांच चल रही थी। पुलिस टीम ने संदेह होने पर गाड़ी को रुकवाया। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने मनगढ़ंत कहानी बनाई कि "महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे उन्हें जल्दबाजी में अस्पताल ले जा रहे हैं।"हालांकि, जांच टीम में तैनात एक पुलिसकर्मी ने कार के भीतर बंधक बनी महिला को पहचान लिया कि वे पद्मश्री फूलबासन बाई यादव हैं। पहचान उजागर होते ही पुलिस ने तत्काल तीनों आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया है। फिलहाल सभी आरोपियों से सुकुल दैहान पुलिस चौकी में कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि अपहरण के पीछे के असली मकसद और किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।

घटना के बाद फूलबासन बाई यादव को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है।

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