रांची, नवंबर 10 -- झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों के लिए निर्देश प्राप्त हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सोमवार को निर्वाचन सदन से ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि पदाधिकारी आगामी एसआईआर में सुविधा के लिए वर्तमान मतदाता सूची का 2003 के मतदाता सूची से अधिक से अधिक मैपिंग करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जितने अधिक मतदाताओं का 2003 के मतदाता सूची से पैरेंटल मैपिंग हो जाता है, उन्हें इन्यूम्यूरेशन फॉर्म भरने में आसानी हो सकेगी।
श्री कुमार ने कहा है कि निर्वाचन से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। यदि निर्वाचन के कार्य में कोई बीएलओ आनाकानी करते हैं तो उनका रिपोर्ट विभाग को भेजें एवं निलंबन की प्रक्रिया करते हुए नए बीएलओ नियुक्त करें।
श्री कुमार ने कहा है कि सभी स्तर के पदाधिकारियों को निर्वाचन के लिए आवंटित कार्य को करना अनिवार्य है, इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा के क्रम में सभी जिलों के मतदाता सूची के मैपिंग की बिंदुवार समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में जमीनी स्तर पर आ रहे परेशानियों को समाप्त करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए । उन्होंने सभी पदाधिकारियों को फील्ड विजिट कर मतदाता सूची के मैपिंग की समस्याओं का निरीक्षण करते हुए उसके समाधान एवं कार्य में तीव्रता लाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर द्वारा मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के लिए पीपीटी के माध्यम से सभी पदाधिकारियों को जानकारी उपलब्ध कराई गई।
इस मौके पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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