श्रीगंगानगर , अप्रैल 02 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के पदमपुर तहसील क्षेत्र में बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस और प्रशासन के दो अलग दलों ने गुरुवार को दो बाल विवाहों को सफलतापूर्वक रुकवा दिया।

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष जोगेंद्र कौशिक ने बताया कि सूचना मिलते ही वे पदमपुर वार्ड नंबर 16 में तत्काल समिति के सदस्य आनंद मारवाल, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक वंदना गौड़, त्रिलोक वर्मा, राजस्व पटवारी ओकेश खुड़िया, पुलिस थानाधिकारी सुमन जयपाल, ड्यूटी ऑफिसर बाल कल्याण अधिकारी हरजिंद्र सिंह और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। श्रीबीजयनगर से दूल्हा बारात लेकर आ चुका था। वधू पक्ष द्वारा मंगलगीत गाए जा रहे थे, मेहमान व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे थे और कुछ लोग डीजे की धुन पर थिरक रहे थे।

दल ने बालिका की आयु सत्यापित करने के लिए उसके माता-पिता से आधार कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र मांगा। दस्तावेजों में बालिका की जन्मतिथि 25 अगस्त 2008 पाई गई, जिसके अनुसार वह अभी 17 वर्ष से भी कम उम्र की थी और विवाह योग्य नहीं थी। परिवार को बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने तक विवाह न करने का लिखित बंधन कराया गया। मौके पर फर्द तैयार कर परिवार और रिश्तेदारों के हस्ताक्षर लिए गए। पुलिस ने दूल्हे, दूल्हे के पिता और बालिका के पिता को थाने ले जाकर कानून का सबक पढ़ाया, जिसके बाद वे शादी से पीछे हट गए।

दूसरी दल की अगुवाई पदमपुर के तहसीलदार ने की। गांव बीझबायला पहुंचकर उनके जांच करने पर वधू की आयु 18 वर्ष से करीब सात महीने कम पाई गई। यहां भी परिवार को बालिका के बालिग होने तक विवाह न करने के लिए पाबंद किया गया और लिखित बंधन कराया गया।

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