जयपुर , फरवरी 07 -- केन्द्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पत्थर, वास्तुकला और शहरी विकास को भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति के महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए सतत खनन, मूल्यवर्धन और आधुनिक तकनीक को अपनाने पर ज़ोर दिया है।

श्री मेघवाल शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में लघु उद्योग भारती, सीडॉस और रीको के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के समानांतर चल रहे जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल-2026 के समापन समारोह में बोल रहे थे। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय फेस्टिवल का समापन समारोह श्री मेघवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।

उन्होंने कहा कि जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल जैसे मंच नीति, डिज़ाइन और उद्योग के बीच संवाद को मजबूत करते हैं। उन्होंने राजस्थान के स्टोन उद्योग की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समापन समारोह में आंध्र प्रदेश खान मंत्री कोल्लू रविंद्र गुरु ने इंडिया स्टोनमार्ट 2026 को एक दूरदर्शी और समय की आवश्यकता से जुड़ा आयोजन बताते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी केवल व्यापार का मंच नहीं है, बल्कि यह सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है जो आज के वैश्विक परिदृश्य में बेहद अहम है।

उन्होंने स्टोन और माइन्स सेक्टर में तकनीकी नवाचार, रिसोर्स मैनेजमेंट और इको-फ्रेंडली प्रैक्टिसेज़ को अपनाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन उद्योग को नई दिशा देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंडिया स्टोनमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म से निकलने वाली भविष्य की परियोजनाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता देंगी।

इससे पहले जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के दूसरे और अंतिम दिन मास्टर स्पीक सेशंस, पैनल डिस्कशन्स और स्टूडेंट इंस्टॉलेशन्स आकर्षण का केंद्र रहे। विख्यात आर्किटेक्ट जितेंद्र मेहता ने 'इन्दौर डेवलपमेंट मॉडल' पर आधारित सत्र में बताया कि किस प्रकार संतुलित शहरी नियोजन, नागरिक सहभागिता और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से इंदौर देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।

इसके अलावा 'रिइनवेंटिंग लोकल स्टोन विथ मॉडर्न कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजिस' और 'स्टोन इन द एज ऑफ ग्लास एंड स्टील' जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे, जिसमें राजस्थान के स्थानीय पत्थरों की आधुनिक वास्तुकला में बढ़ती प्रासंगिकता पर विशेष चर्चा हुई।

उल्लेखनीय हैं कि अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी इंडिया स्टोनमार्ट रविवार तक चलेगी।

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