हरिद्वार , मार्च 06 -- उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय में शनिवार को "मोटापे के प्रबंधन में योग और प्राकृतिक चिकित्सा का हस्तक्षेप" विषय पर एक दिन की कार्यशाला आयोजित हुई।

कार्यक्रम में स्वामी परमार्थ देव ने मोटापे जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को रोकने में यौगिक प्रैक्टिस, नेचुरल लाइफस्टाइल और अनुशासित जीवन के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को सुस्वास्थ्य के लिए एक होलिस्टिक अप्रोच अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

गेस्ट स्पीकर डॉ. श्वेता मिश्रा, आयुष मेडिकल ऑफिसर, एम्स ऋषिकेश ने मॉडर्न समाज में मोटापे की बढ़ती चिंता पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह योग प्रैक्टिस, नेचुरोपैथी थेरेपी, सही डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव मोटापे को मैनेज करने और पूरी हेल्थ को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

नेचुरोपैथी और यौगिक साइंसेज फैकल्टी के डायरेक्टर, डॉ. अनिल वर्मा ने अपने संबोधन में योग और नेचुरोपैथी के ज़रिए प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम और एकेडमिक स्तर पर पहल करने के महत्व पर ज़ोर दिया।

कार्यशाला के दौरान डॉ. श्वेता मिश्रा को उनके योगदान और प्रतिभागियों के साथ अपनी जानकारी साझा करने के लिए सम्मानित भी किया गया। विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कनक सोनी ने "मोटापे और घर की दिनचर्या के विषय में अवेयरनेस" विषय पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान में घर के प्रैक्टिकल रूटीन, डाइट और आसान योग प्रैक्टिस के बारे में बताया। जिन्हें लोग मोटापे को असरदार तरीके से मैनेज करने के लिए अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शामिल कर सकते हैं।

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