गांधीनगर , फरवरी 23 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सुजलाम सुफलाम जल अभियान-जल संचय जन भागीदारी 2.0 का राज्यव्यापी सोमवार को शुभारंभ किया।
जल संचय तथा जल संग्रह का यह महाअभियान 31 मई तक आयोजित होगा। अभियान अंतर्गत प्रति तहसील 10 तालाबों को गहरा करने सहित जल संग्रह की व्यवस्थाएँ सुदृढ़ करके भूमिगत जल स्तर ऊँचा लाने और वर्षा जल संग्रह के कार्य किए जाएंगे।
इस उद्देश्य से राज्य सरकार के जल संसाधन, जलापूर्ति, सरदार सरोवर नर्मदा निगम, ग्रामीण विकास, वन एवं पर्यारण, शहरी विकास सहित लगभग छह विभाग सभी जिलों में लोक भागीदारी से जल संचय के कार्य शुरू करेंगे।
ऐसे कार्यों में मौजूदा तालाबों को गहरा करने, मौजूदा चेकडैमों, जलाशयों व नदियों की डिसिल्टिंग, क्षतिग्रस्त चेकडैमों की मरम्मत, नहर-नालियों की मरम्मत, रखरखाव, साफ-सफाई, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, खेत तालाब, मिट्टी पाल, टैरेस-वन तालाब, पेयजल स्रोत, टंकी, संप, इंटेक स्ट्रक्चर तथा आसपास की सफाई, तालाबों के वेस्ट वियर की मरम्मत, नदियों की धारा को अवरुद्ध करने वाली बबूल आदि की झाड़ियों को हटाने जैसे कार्य शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस वर्ष के सुजलाम सुफलाम जल अभियान-जल संचय जन भागीदारी 2.0 का शुभारंभ गांधीनगर जिले के भाट गाँव के तालाब को गहरा करने के कार्य से किया। यह तालाब गहरा होने से इसकी कुल संग्रह क्षमता भविष्य में 2.01 लाख घन फीट होगी।
राज्य सरकार द्वारा 2018 से हर वर्ष यह महत्वपूर्ण अभियान एक आंदोलन के रूप में चलाया जाता है। 2018 से 2025 के 8 वर्ष के दौरान जो 1,22,299 कार्य किए गए हैं। इनमें तालाबों को गहरा करने, नए तालाबों के 39,542 कार्य, चेकडैम डिसिल्टिंग के 26,544 कार्य तथा तथा 82,240 किलोमीटर लंबी नहरों व नालियों की साफ-सफाई के कार्य हुए हैं।
इन सारे कार्यों के परिणामस्वरूप राज्य की जल संग्रह क्षमता में कुल लगभग 1,39,959 लाख घन फीट वृद्धि हुई है और 210 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ है।
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