अहमदाबाद , जनवरी 01 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वर्ष 2026 के पहले दिन गुरुवार को अहमदाबाद जिले के वीरमगाम विधानसभा क्षेत्र के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और ओवरब्रिज सहित 497 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया।

श्री पटेल ने वीरमगाम विधानसभा क्षेत्र की जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, उनमें वीरमगाम नगर पालिका से मांडल-दसाड़ा रोड का 285 करोड़ रुपये का कार्य, वीरमगाम शहर के रैयापुर ओवरब्रिज का 91 करोड़ रुपये का कार्य, मांडल तहसील के विठ्ठलापुर से देत्रोज-कड़ी रोड के रिसर्फेसिंग का 55 करोड़ रुपये का कार्य, वीरमगाम तहसील के थोरी मुबारक से लीया-वांसवा रोड का 39 करोड़ रुपये का कार्य, करकथल-हांसलपुर रोड का 12 करोड़ रुपये का कार्य, देत्रोज नये सर्किट हाउस का पांच करोड़ रुपये का कार्य, वीरमगाम नये सर्किट हाउस का पांच करोड़ रुपये कार्य, देत्रोज सब रजिस्ट्रार कार्यालय का 2.45 करोड़ रुपये का कार्य तथा वीरमगाम तहसील के सचाणा बाइपास रोड के तीन करोड़ रुपये के कार्य सहित विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं।

उन्होंने इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि कभी संसाधनों की कमी, वर्षा आधारित खेती और रोजगार के लिए युवाओं के पलायन जैसी विकट स्थिति से जूझता मांडल, बेचराजी और वीरमगाम क्षेत्र आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास विजन से स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (एसआईआर) और ऑटो हब बन गया है।

मुख्यमंत्री इस संदर्भ में कहा कि श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने अंतिम व्यक्ति के हित के संकल्प और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र से विकास की चरम सीमा का उदाहरण पेश किया है। विकास की राजनीति का जो दृष्टिकोण उन्होंने अपनाया है, उसे अब सभी ने स्वीकार कर लिया है और बिहार के हाल ही में हुए चुनाव के परिणाम इसका आदर्श उदाहरण हैं। पिछले तीन वर्षों में ही मांडल- बेचराजी एसआईआर को जोड़ने वाली सड़कों और पुलों के 488 करोड़ रुपये के कार्य पूरे हुए हैं।

एसआईआर से जुड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, परिवहन में बुनियादी ढांचे के विकास और फोरलेन रोड तथा रेलवे ओवरब्रिज के कारण इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा और नयी गति मिलेगी। रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होने से कोकता फाटक पर वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक की समस्या खत्म होगी, जिससे लगभग एक लाख नागरिकों के समय और ईंधन की बचत होगी।

देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी परियोजनाओं की गति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विभिन्न एक्सप्रेस-वे, कॉरिडोर और रणनीतिक पुलों एवं सुरंगों के कार्य पूरे किये गये हैं, जहां 2014 से पहले रोजाना 12 किमी नेशनल हाईवे का निर्माण किया जाता था, वहीं आज रोजाना 34 किमी नेशनल हाईवे बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने भी नमो शक्ति एक्सप्रेस-वे और 1155 किमी के 12 गरवी गुजरात हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं।

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