गांधीनगर , नवंबर 12 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को राज्य सरकार के विधि विभाग तथा गुजरात बार काउंसिल के संयुक्त उपक्रम से नोटरी (लेख्य प्रमाणक) के रूप में चयनित 1500 से अधिक अधिवक्ताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए।
श्री पटेल ने यहां आयोजित कार्यक्रम में राज्य में ई-नोटरी सिस्टम विकसित करने के लिए नोटरी पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साधारण व्यक्ति के हित को तथा उसकी सरलता को ईज ऑफ लिविंग के केन्द्र में रखा है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया या याजोनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता के साथ मैक्सिमम गवर्नेंस-मिनिमम गवर्नमेंट का शासन मंत्र अपनाया है। यह कार्यक्रम गुजरात के विधि जगत में आज उसी मंत्र को साकार करने वाला अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र या राज्य के सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए विधि (कानून) का शासन महत्वपूर्ण नींव है। प्रधानमंत्री ने कानून के शासन के लिए समयानुरूप कानून प्रस्तुत करने का भगीरथ कार्य किया है। उन्होंने अंग्रेजों के समय के अनावश्यक कानूनों को निरस्त कर कानूनी प्रक्रिया सरल बनाई है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में 'जस्टिस टु ऑल, अपीजमेंट टु नन' मंत्र साकार हो रहा है। ट्रिपल तलाक निषेध, धारा 370 निर्मूलन तथा भारतीय न्याय संहिता का सुचारु कार्यान्वयन उनके मार्गदर्शन में हुआ है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित