पटना , मार्च 19 -- बिहार के सहकारिता मंत्री डॉक्टर प्रमोद कुमार ने गुरूवार को नीति राज्य कार्यशाला श्रृंखला' के अंतर्गत दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को सुदृढ़ बनाकर किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देना है। कार्यक्रम का सह-आयोजन बिहार सरकार की ओर से किया जा रहा है, जबकि ज्ञान साझेदार के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
दो दिवसीय कार्यशाला में देश के नीति-निर्माताओं, कृषि विशेषज्ञों एवं 10 राज्यों अरुणाचलप्रदेश, आसाम, बिहार, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, मणिपुर, उड़ीसा, पंजाब, सिक्किम एवं त्रिपुरा राज्यों से आए प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर मंत्री डॉ. कुमार ने कहा कि नीति आयोग की ओर से आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला बिहार में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि अब राज्य के किसानों को धान एवं गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहकर विविधीकरण की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने मखाना एवं लीची जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों में बिहार की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इनके वैज्ञानिक उत्पादन एवं विपणन पर बल दिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित