पटना , मार्च 14 -- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के आह्वान पर पटना न्याय मंडल में आयोजित वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 7033 मुकदमों का समझौते के आधार पर निपटारा किया गया ।

पटना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती पल्लवी आनंद ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह पटना के प्रधान जिला जज रूपेश देव की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में जहां एक ओर 3782 वैसे मुकदमों का निपटारा समझौते के आधार पर किया गया जो न्यायालय में लंबित थे तो दूसरी ओर 3251 वैसे मामलों का भी निपटारा किया गया जो अभी न्यायालय में दाखिल नहीं हुए थे । उन्होंने बताया की इन मुकदमों में 20 करोड़ 18 लाख 45 हजार 321 रुपए का समझौता हुआ । मुख्य रूप से ट्रैफिक ,बिजली बिल ,संधि योग्य आपराधिक मामले एवं चेक बाउंस से संबंधित मुकदमों का निपटारा हुआ । पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर इस बार ट्रैफिक चालान से संबंधित 2200 मुकदमों की सुनवाई हुई जिनमें से 1816 मुकदमों का निपटारा किया गया।

श्रीमती आनंद ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत की खास बात यह रही कि पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सह राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के मुख्य संरक्षक मुख्य न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने स्वयं पटना सिविल कोर्ट में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण किया, जिनके साथ पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक प्रदीप कुमार मल्लिक भी उपस्थित थे ।

मुख्य न्यायमूर्ति श्री साहू के समक्ष ही परिवार न्यायालय के कई मुकदमों का निपटारा किया गया। श्रीमती आनंद ने आगे बताया की पटना न्याय मंडल में कुल 58 पीठों का गठन किया गया था जिनमें से पटना सदर सिविल कोर्ट में 22 पीठो के द्वारा मामलों की सुनवाई की गई। पटना न्याय मंडल में पटना सदर सिविल कोर्ट तथा दानापुर, बाढ़ ,मसौड़ी, पटना सिटी और पालीगंज के अनुमंडलीय सिविल कोर्ट शामिल हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित