पटना , फरवरी 24 -- बिहार विधान परिषद के सदस्य कार्तिक कुमार के प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को बताया कि राजधानी पटना में स्थित जय प्रकाश नारायण हड्डी एवं ट्रॉमा अस्पताल को देश का सबसे बड़ा हड्डी अस्पताल बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री पांडेय ने बताया कि आगामी तीन महीनों के भीतर 400 बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल शुरू कर दिया जायेगा। इसके शुरू होने से राज्य के हड्डी एवं ट्रॉमा मरीजों को बेहतर और समुचित इलाज की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। ब्लड बैंक खोलने के लिये कोलकाता से भी सहमति लेनी पड़ती है, जिसकी प्रक्रिया लंबी है। इस कारण ब्लड बैंक की स्थापना में लगभग छह महीने का समय और लगेगा।

मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद यह संस्थान न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में हड्डी रोग उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित होगा। इससे मरीजों को बाहर के राज्यों में इलाज कराने की आवश्यकता भी कम होगी।

वहीँ विधान पार्षद रविंद्र प्रसाद सिंह के प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि बिहार के 38 जिलों में नये निजी पारामेडिकल संस्थान खोलने की दिशा में पहल की जा रही है।

मंत्री श्री पांडेय ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 42 सरकारी और 86 निजी पारामेडिकल संस्थान संचालित हैं, जिनमें कुल मिलाकर 33 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र में भी पारामेडिकल संस्थान खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

उन्होंने बताया कि सीतामढ़ी, औरंगाबाद, शिवहर और बेगूसराय में नये पारामेडिकल संस्थान निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त निजी पारामेडिकल संस्थान खोलने के लिये प्राप्त आवेदनों की जांच की जा रही है। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जायेगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि नये संस्थानों के खुलने से राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित