पटना , जनवरी 05 -- पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र (डीआरसीसी) से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और इसके सुचारू कार्यान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने ''विकसित बिहार के सात निश्चय'' अंतर्गत 'आर्थिक हल, युवाओं को बल' के तहत डीआरसीसी से संचालित तीनों योजनाओं-बिहार स्टूडेण्ड क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम- में अद्यतन प्रगति का जायजा लिया तथा आवश्यक निर्देश दिए।

समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि बिहार स्टूडेण्ड क्रेडिट कार्ड योजना के तहत योजना के प्रारंभ की तिथि से 31 दिसंबर, 2025 तक बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से 1199 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की है और इस दौरान 35277 स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड निर्गत किये गये हैं। जिलाधिकारी ने इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) को निदेशित किया कि बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड से समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों को भी यथाशीघ्र निष्पादित कराएँ, जिससे छात्र-छात्राओं को इसका लाभ शीघ्र मिल पायेगा।

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के क्रियान्वयन की स्थिति बेहतरपायी गई। इसके अंतर्गत 37548 आवेदनों को स्वीकृत किया गया है तथा 35409 आवेदकों के खाता में 49 करोड़ 10लाख 81 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी गई है। शेष प्रक्रियाधीन है।

कुशल युवा कार्यक्रम के अंतर्गत 136,093 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से अभी तक 96,901 व्यक्तियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। शेष लोगों का प्रशिक्षण जारी है और कुछ लोग प्रतीक्षारत हैं। जिले में कुल 83 कौशल प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है। विभिन्न कारणों से 5 प्रशिक्षण केन्द्र क्रियाशील नहीं है। जिलाधिकारी ने जिला योजना पदाधिकारी को कुशल युवा कार्यक्रम का लगातार अनुश्रवण करने का निर्देश दिया है, जिससे सभी लोगों को ससमय प्रशिक्षण मिल सकेगा। साथ ही जिला नियोजन पदाधिकारी को श्रम संसाधन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए बंद कौशल प्रशिक्षण केन्द्रों को शीघ्र शुरू कराने से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

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