श्रीगंगानगर , जनवरी 03 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर तहसील क्षेत्र में स्थित बुधरवाली गांव के गुरुद्वारा सिंहसभा में शनिवार को भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी बाबा जगराजसिंह की अगुवाई में सामूहिक अरदास की गई, जिसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में गांव में नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारे से हुई, जहां पंज प्यारे - बलजिंदरसिंह, काकासिंह, बलवीरसिंह, महेंद्रसिंह और रतनसिंह ने नेतृत्व किया।

उनके साथ साहिबजादे अमरवीरसिंह, हरमनसिंह, एकमजोतसिंह और सिमरजोत सिंह भी थे। कीर्तन जुलूस गांव की गलियों और मुख्य सड़कों से गुजरा, जहां ग्रामवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा करके इसका जोरदार स्वागत किया। कीर्तन की मधुर धुनों और गुरबानी के पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। गांव के मुख्य चौराहों पर विभिन्न प्रकार के लंगर लगाए गए, जहां ब्रेड-पकौड़े, बूंदी, खीर, मूंगफली, चाट और चाय जैसे व्यंजनों का वितरण किया गया।

सेवादार कौरसिंह सिद्धू ने बताया कि इस कार्यक्रम में कविशरी जत्थे के मुख्य ज्ञानी मक्खनसिंह गिल (हरियाणा), बलविंदरसिंह संधू और हरजीतसिंह ने गुरबाणी के माध्यम से संगत को निहाल किया। कार्यक्रम की एक विशेष आकर्षण गतका पार्टी रही। बाबा दीपसिंह कोटकपुरा (पंजाब) की गतका टीम ने गांव के मुख्य चौराहों पर अपनी मार्शल आर्ट्स कला का शानदार प्रदर्शन किया। गतका के इन प्रदर्शनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सिख इतिहास की बहादुरी की याद दिलाई।

सेवादारों के अनुसार पांच जनवरी को गुरुद्वारे में श्रीखंड पाठ का प्रकाश किया जाएगा, जबकि सात जनवरी को इसका भोग डाला जाएगा।

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