चंडीगढ़ , मार्च 02 -- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पंजाब सुशासन का हकदार है ताकि राज्य अपने कृषि और नदी जल संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सके और नशे व आतंकवाद जैसी चुनौतियों पर काबू पाया जा सके।
श्री सिंह चंडीगढ़ में "चुनौतियां, अवसर और पंजाब का भविष्य" विषय पर आयोजित एक संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और राज्य की भावनाओं के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने रावी नदी पर स्थित लंबे समय से लंबित शाहपुर कांदिवली दम परियोजना को पुनर्जीवित करने का श्रेय प्रधानमंत्री को दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सिंचाई के दायरे का विस्तार होगा और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभ मिलेगा।
उन्होंने नदी जल प्रबंधन के मुद्दे पर सिंधु जल संधि के तहत भारत के हिस्से के जल के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लंबित जल परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके और कृषि क्षेत्र को स्थिरता मिल सके।
कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स को अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि एआई आधारित सलाह और फसल पूर्वानुमान से लागत कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगी।
उन्होंने युवा वर्ग को संबोधित करते हुए स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर अब केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवाचार और निजी उद्यम के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से मिलकर पंजाब को तकनीक आधारित, पारदर्शी और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित